ग़म

ग़म-ए-जुदाई भी सह लूँगा…।

ये तन्हाई भी सह लूँगा…।

ना कहना कि चाहत है किसी और से..,

भला तेरी बेवफाई कैसे सह लूँगा…?

इस मासूम से दिल को न तोड़ो इस क़दर..,

भला इस टूटे दिल के साथ कैसे रह लूँगा…?

ग़म

ये नम आँखे उनसे जुदाई का ग़म बयाँ करती हैं ।

ये यादे उनकी बेवफाई का ग़म बयाँ करती हैं ।

प्यार था उनसे कितना,

ये मेरी आँख से गिरी शबनम बयाँ करती है ।

मोहब्बत

मोहब्बत मे गुमनामी कैसी ?

ये इश्क की बदनामी कैसी ?

हमने तो सुना था इश्क में राज़ नही होते ।

फिर ये पसीने से लतपथ तुम्हारी पेशानी कैसी ?

जब तक तुम साथ हो मेरे,

मुझे इश्क मे परेशानी कैसी….?

#Tamanna

आरज़ू दिल कि दिल मे छुपी रह गई,

मिल कर भी मिलन मे कमी रह गई।

यह वक्त थम सा गया, 

ख़्वाहिश मेरी अधूरी ही रह गई।

जब देखा मैंने उसे किसी और के साथ,

मेरी दुनिया वहीं जमी रह गई।

ज़िन्दगी साथ बिताने कि तमन्ना, 

अधूरी ही रह गई।।।

#Sapna

आज मैंने इक सपना देखा,

उस सपने मैं एक अपना देखा।

वो कुछ कुछ तुमसे मिलता है,

उसे देखने से ही मुझे चैन मिलता है।

न देखूँ जिस दिन उसे मैं,

न चैन और न ही सुकून मुझे मिलता है।।

हक 

हक से तुम्हे प्यार करता हूँ,

सपने मे भी तुम्हारा दीदार करता हूँ।

सामने जब आओगी,

बता दूँगा कि मैं तुमसे कितना प्यार करता हूँ। ।।

मोहब्बत

​ना किसी किताब मे पाओगे,

ना किसी की आँखों मे पाओगे

जितनी मोहब्बत तुम,

मेरी हर साँस मे पाओगे।

रूठ भी जाओगे ग़र मुझसे,

मुझे अपनी हर याद मे पाओगे।

Lamha

Door hai wo par usko har lamha mehsoos karta hu,

                              Usse jude har lamhe ko khone se darta hu.

Uske chehre ki masoomiyat pe me marta hu,

                               Har pal usko khud me dhundta firta hu…